राष्ट्रीय शान संवाददाता दिल्ली – सड़कों पर गड्ढों का होना भारत में आम बात है, लेकिन ये गड्ढे सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण भी बनते जा रहे हैं। बरसात के मौसम में जब ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, तो ये कई लोगों की मौत का कारण बन जाते हैं। बावजूद इसके, सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। चाहे सरकार किसी भी पार्टी की हो, सड़कों की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है।
रोड टैक्स के रूप में जनता से बड़ी रकम वसूली जाती है, परंतु सड़कों की मरम्मत और उन्हें सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी को नजरअंदाज किया जा रहा है। गड्ढे, जो सड़क पर अनावश्यक ब्रेकर की तरह होते हैं, न केवल वाहनों की रफ्तार को कम करते हैं, बल्कि अचानक ब्रेक लगाने की वजह से पीछे चलने वाले वाहनों के लिए दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
दुपहिया वाहन चालकों के लिए ये गड्ढे और भी खतरनाक साबित होते हैं। बारिश के दौरान पानी में डूबे ये गड्ढे अदृश्य हो जाते हैं और किसी जाल की तरह अपनी चपेट में ले लेते हैं। बाइक का पहिया जैसे ही गड्ढे में जाता है, चालक का संतुलन बिगड़ जाता है और वह दुर्घटना का शिकार हो जाता है। कई बार तो ये हादसे जानलेवा भी साबित होते हैं, जब पीछे से आ रही कोई तेज रफ्तार गाड़ी उन्हें कुचल देती है।
सरकार को चाहिए कि वे गड्ढों को भरने और सड़कों की मरम्मत के लिए एक विशेष अभियान चलाए। सड़कों का समय-समय पर निरीक्षण और मरम्मत आवश्यक है ताकि दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके। गड्ढों के कारण अनगिनत लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, और ये सिलसिला रुकना चाहिए। हर नागरिक का हक है कि वह सुरक्षित सड़कों पर चले, और यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
इसलिए, समय की मांग है कि सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो गड्ढों का ये कहर अनगिनत परिवारों को उजाड़ता रहेगा। सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि कोई और व्यक्ति इस अनदेखी का शिकार न बने, और अपने परिवार के पास सुरक्षित घर लौट सके।



